जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के राजगढ़ गांव में शुक्रवार-शनिवार की रात करीब 12:30 बजे अचानक बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक तीन लोगों की जान चली गई है, जबकि दो अन्य लापता हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, तेज पानी और मलबे की वजह से दो मकान और एक स्कूल भवन बह गए। राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है।
भारी बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
जम्मू-कश्मीर में पिछले एक सप्ताह से लगातार भारी बारिश हो रही है। नदियां उफान पर हैं और बाढ़ का पानी अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को बहा रहा है। ढलानों से लगातार पत्थर, पेड़ और चट्टानें गिर रही हैं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, जो घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है, लगातार पांचवें दिन भी बंद है। हफ्ते की शुरुआत में उधमपुर जिले के जखेनी और चेनानी के बीच भूस्खलन की वजह से 2,000 से ज्यादा वाहन फंसे हुए हैं।
सड़कें और गांव संपर्क से कटे
जम्मू क्षेत्र में नौ प्रमुख सड़कें भूस्खलन और कटाव के कारण बंद हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से जम्मू, सांबा, कठुआ और उधमपुर के दर्जनों गांव अभी भी संपर्क से कटे हुए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्य और भी कठिन हो गया है।
अन्य प्रभावित इलाके
उत्तराखंड में गुरुवार को बादल फटने से 5 लोगों की मौत हुई और 11 लोग लापता हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मनाली में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे का एक हिस्सा बह गया। कश्मीर के गुरेज सेक्टर, बांदीपोरा में तुलैल इलाके में भी शुक्रवार को बादल फटा, लेकिन वहां कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि, तेज बारिश और मलबे ने स्थानीय लोगों में भय पैदा कर दिया।
राहत और बचाव कार्य जारी
रामबन प्रशासन ने बताया कि एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय राहत टीमें मलबे और पानी में फंसे लोगों को बचाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। पहाड़ी इलाकों और लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव अभियान धीमा है, लेकिन अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
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